अररिया (बिहार): जिले के आज़ाद नगर निवासी युवा कवि एवं लेखक दिलदारुल करीम को साहित्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्था HS Publication द्वारा आयोजित Best Pensmith Award 2026 से सम्मानित किया गया है। इस प्रतियोगिता में देश-विदेश के कुल 17,603 कवियों और लेखकों ने भाग लिया था, जिसमें दिलदारुल करीम ने 14वाँ स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से अररिया जिले सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
दिलदारुल करीम मूल रूप से Azad Nagar, Araria के निवासी हैं और वर्तमान में Anugrah Narayan Magadh Medical College, Gaya में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र हैं। चिकित्सा जैसे कठिन और समयसाध्य अध्ययन के साथ-साथ उन्होंने साहित्य के प्रति अपने जुनून को भी निरंतर बनाए रखा है।
लेखन की शुरुआत उन्होंने दसवीं कक्षा से ही कर दी थी। शुरुआती दौर में छोटी-छोटी कविताओं और लेखों से शुरू हुई उनकी साहित्यिक यात्रा धीरे-धीरे गंभीर और परिपक्व लेखन में बदल गई। उनकी कविताओं में मानवीय संवेदनाएँ, जीवन के अनुभव, प्रेम, पीड़ा और सामाजिक चिंतन की गहरी झाप दिखाई देती है, जो पाठकों के मन को सहज ही छू लेती है।
दिलदारुल करीम की रचनाएँ अब तक कई साहित्यिक Anthology (संकलन पुस्तकों) में सह-लेखक के रूप में प्रकाशित हो चुकी हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से उनकी कविताएँ देश-विदेश के पाठकों तक पहुँची हैं और उन्हें साहित्यिक जगत में पहचान भी मिली है।
उनकी साहित्यिक यात्रा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव उनकी आने वाली पुस्तक “Kulliyat-e-Ehsaas” है, जिसका प्रकाशन जल्द होने वाला है। इस पुस्तक में प्रेम, संवेदना, जीवन के अनुभव और समाज से जुड़े विचारों पर आधारित उनकी विभिन्न रचनाएँ शामिल होंगी। साहित्य प्रेमियों के बीच इस पुस्तक को लेकर अभी से उत्सुकता देखी जा रही है।
साहित्य के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और प्रतिभा को देखते हुए उन्हें विभिन्न साहित्यिक मंचों और प्रकाशकों द्वारा कई पुरस्कार और पदक भी मिल चुके हैं। हाल ही में मिला Best Pensmith Award 2026 उनकी साहित्यिक साधना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
दिलदारुल करीम का मानना है कि साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं और विचारों की सजीव अभिव्यक्ति है। उनका कहना है कि चिकित्सा जहाँ मनुष्य के शरीर की पीड़ा को समझने का प्रयास करती है, वहीं साहित्य मनुष्य के हृदय और उसकी भावनाओं को समझने का माध्यम बनता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, पाठकों और प्रकाशकों को दिया है। उनका कहना है कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे भविष्य में भी चिकित्सा के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करते रहेंगे। दिलदारुल करीम की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। यह इस बात का उदाहरण है कि लगन और समर्पण के साथ व्यक्ति अपने पेशे के साथ-साथ अपनी रुचियों को भी सफलता के साथ आगे बढ़ा सकता है।
दिलदारुल करीम का मानना है कि साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि मानवीय भावनाओं और विचारों की सजीव अभिव्यक्ति है। उनका कहना है कि चिकित्सा जहाँ मनुष्य के शरीर की पीड़ा को समझने का प्रयास करती है, वहीं साहित्य मनुष्य के हृदय और उसकी भावनाओं को समझने का माध्यम बनता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, पाठकों और प्रकाशकों को दिया है। उनका कहना है कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे भविष्य में भी चिकित्सा के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय रहकर अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करते रहेंगे। दिलदारुल करीम की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। यह इस बात का उदाहरण है कि लगन और समर्पण के साथ व्यक्ति अपने पेशे के साथ-साथ अपनी रुचियों को भी सफलता के साथ आगे बढ़ा सकता है।




