गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हटा चौक वार्ड संख्या-9 निवासी मिथिलेश कुमार यादव, पिता सूर्यनंद यादव और दिलीप कुमार यादव, पिता बंटू यादव के रूप में हुई है।
झाड़ी में छिपाकर रखा गया था चावल
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया कि एक वाहन से चावल के पैकेट शीशाबाड़ी के पास झाड़ी में फेंककर छिपाए गए थे। बाद में दोनों युवक वहां पहुंचे और कथित तौर पर चावल के पैकेट को बाइक पर लादकर ले जाने का प्रयास करने लगे।
इसी दौरान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एमओ की जांच के बाद दर्ज हुई FIR
कुआड़ी थानाध्यक्ष विकास कुमार के मुताबिक, मामले में मार्केटिंग ऑफिसर मोहम्मद आदिल की जांच और लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आगे भी जारी है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
धर्मकांटा के पास चावल ले जाने का पुराना मामला भी चर्चा में
इस कार्रवाई के बीच धर्मकांटा के पास सामने आया सरकारी चावल से जुड़ा पुराना मामला भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
दरअसल, इससे पहले धर्मकांटा के पास एक सिटी रिक्शा में चावल ले जाते हुए देखे जाने की खबर सामने आई थी। पूछताछ के दौरान चालक के मौके से भाग जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद जिला स्तर के पदाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की थी।
हालांकि, उस जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या रहा और इस मामले में कोई कार्रवाई हुई या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
CCTV फुटेज से खुल सकता है राज
अब शीशाबाड़ी से चावल बरामदगी और दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद धर्मकांटा वाले पुराने मामले की जांच पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अगर धर्मकांटा के पास सरकारी चावल उतारने या लादने की बात सही है, तो वहां लगे CCTV कैमरों की फुटेज, वाहनों की आवाजाही और संबंधित रिकॉर्ड की जांच से पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकती है।
खास तौर पर यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि चावल कहां से आया, किस वाहन से लाया गया, कहां ले जाया जा रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल शीशाबाड़ी मामले में दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और धर्मकांटा से जुड़े पुराने मामले की जांच के निष्कर्ष पर टिकी है।


