फारबिसगंज प्रखंड के रामपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय में शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। बिहार SC/ST वेलफेयर टीचर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षक 22 अप्रैल से काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जो 27 अप्रैल तक प्रस्तावित है।
शिक्षकों का कहना है कि विद्यालय में शैक्षणिक कार्यों के अलावा कई गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियां भी उन्हें निभानी पड़ती हैं, जबकि इसके लिए अलग से कोई कर्मी नियुक्त नहीं है। इससे शिक्षकों पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और शिक्षण गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा कार्य-घंटों को लेकर है। शिक्षकों के अनुसार, जहां अन्य BPSC शिक्षकों की ड्यूटी प्रतिदिन लगभग 7 घंटे की होती है, वहीं इस आवासीय विद्यालय में उनसे 24 घंटे उपलब्ध रहने की अपेक्षा की जाती है। यहां तक कि अवकाश के दिनों में भी उन्हें परिसर से बाहर जाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है, जिससे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर भी असर पड़ रहा है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया है कि पटना स्तर से सीधे मॉनिटरिंग की जाती है और कई बार बिना स्पष्ट कारण या उचित स्पष्टीकरण के शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों को निलंबित कर दिया जाता है। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा और भय का माहौल बना हुआ है।
विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। शिक्षकों के आवास में जनरेटर जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विद्यालय की वर्तमान स्थिति पर नजर डालें तो यहां कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाई की व्यवस्था है। कुल 720 छात्रों की क्षमता के मुकाबले वर्तमान में लगभग 400 छात्र नामांकित हैं। शिक्षकों के 37 स्वीकृत पदों में से मात्र 15 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिनमें प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं। वहीं, 9 गैर-शैक्षणिक पद स्वीकृत होने के बावजूद एक भी नियुक्ति नहीं की गई है। छात्रावास अधीक्षक का पद भी लंबे समय से खाली पड़ा है, जिसके लिए MBA योग्य अभ्यर्थी की आवश्यकता है।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका छात्रों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ने दिया जा रहा है। विद्यालय में नियमित रूप से सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
अंत में, शिक्षकों ने सरकार से अपील की है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि वे एक सुरक्षित और संतुलित माहौल में बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 27 अप्रैल तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और केवल शैक्षणिक कार्य तक ही सीमित रहने का निर्णय लागू किया जाएगा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय रामपुर में शिक्षकों का विरोध जारी, 27 अप्रैल तक काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण आंदोलन
byPi Express News
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